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श्रीक्षत्रिय वंशोद्गममाला, म्हणजे श्री सूर्य व सोम. वंशाचा निर्णय |
शामराव मोरोजी |
बापू सदाशिव हेगिष्टे यांचा छापखाना, मुंबई |
80 |
1855 |
28812 |
संदर्भ विभाग, दादर - मुंबई |
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अर्थशास्त्र परिभाषा, प्रकरण पहिले |
चिपळोणकर कृष्णाशास्त्री |
पुणे पाठशाळेकडील छापखाना, मु. – नारो रामचंद्र ठकार |
295 |
1855 |
58531 |
संदर्भ विभाग, दादर - मुंबई |
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अर्थशास्त्र परिभाषा, प्रकरण पहिले |
चिपळोणकर कृष्णाशास्त्री |
पुणे पाठशाळेकडील छापखाना, मु. – नारो रामचंद्र ठकार |
295 |
1855 |
28806 |
संदर्भ विभाग, दादर - मुंबई |
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अर्थशास्त्र परिभाषा, प्रकरण पहिले |
चिपळोणकर कृष्णाशास्त्री |
पुणे पाठशाळेकडील छापखाना, मु. – नारो रामचंद्र ठकार |
295 |
1855 |
10252 |
संदर्भ विभाग, दादर - मुंबई |
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हिंदुस्थानाचा इतिहास |
जांभेकर, बाळ गंगाधरशास्त्री |
पुना कॉलेज प्रेस, पुणे. मु. नारो रामचंद्र ठकार |
209 |
1855 |
10249 |
संदर्भ विभाग, दादर - मुंबई |
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अम्मल करण्यापासून नाश |
थत्ते, काशिनाथ |
अमेरिकन मिशन प्रेस, मुंबई. मु. टी. ग्राहम |
30 |
1855 |
10008 |
संदर्भ विभाग, दादर - मुंबई |
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वाचण्याकरिता मराठी भाषेत विद्योपक्रमाचा ग्रंथ |
माधवराव मोरोजी आणि नाना मोरोबा |
वि. स. अग्निहोत्री यांचा छापखाना, मुंबई |
374 |
1855 |
28808 |
संदर्भ विभाग, दादर - मुंबई |
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वाचण्याकरिता मराठी भाषेत विद्योपक्रमाचा ग्रंथ |
माधवराव मोरोजी आणि नाना मोरोबा |
वि. स. अग्निहोत्री यांचा छापखाना, मुंबई |
374 |
1855 |
10251 |
संदर्भ विभाग, दादर - मुंबई |
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वाचनापाठमाला |
कॅन्डी, टी |
पाठशाळा छापखाना, पुणे |
298 |
1855 |
28827 |
संदर्भ विभाग, दादर - मुंबई |
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सिंहासनबत्तिशी |
--- |
गणपत कृष्णाजीचा छापखाना, मुंबई |
144 |
1855 |
28810 |
संदर्भ विभाग, दादर - मुंबई |
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सिंहासनबत्तिशी |
गणपत कृष्णाजीचा छापखाना, मुंबई |
गणपत कृष्णाजीचा छापखाना, मुंबई |
144 |
1855 |
28807 |
संदर्भ विभाग, दादर - मुंबई |
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शुक्रबाहात्तरी |
--- |
गणपत कृष्णाजीचा छापखाना, मुंबई |
144 |
1855 |
28811 |
संदर्भ विभाग, दादर - मुंबई |
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शिवलीलामृत, पद्य |
श्रीधर |
गणपत कृष्णाजीचा छापखाना, मुंबई |
186 |
1855 |
28831 |
संदर्भ विभाग, दादर - मुंबई |
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त्र्यंबकी |
भाटवडेकर, कृष्णशास्त्री |
भाषाः ज्ञानदर्पण छापखाना, मुंबई |
46 |
1855 |
10208 |
संदर्भ विभाग, दादर - मुंबई |
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देशव्यवहारव्यवस्था या शास्त्राची मूलतत्त्वे |
हरि केशवजी आणि मंडलिक विश्र्वनाथ नारायण |
गणपत कृष्णाजीचा छापखाना, मुंबई. मुः- आपा रामजी |
283 |
1854 |
62765 |
संदर्भ विभाग, दादर - मुंबई |